पटना।राजधानी की बहुप्रतीक्षित पटना मेट्रो परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। शहर के सबसे व्यस्त इलाके पटना जंक्शन गोलंबर के पास अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए खुदाई कार्य शुरू कर दिया गया है। मेट्रो प्राधिकरण के अनुसार इस सेक्शन में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन बनाए जाएंगे, जो यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक होंगे।
छह अत्याधुनिक अंडरग्राउंड स्टेशन बनेंगे
इस पूरे भूमिगत कॉरिडोर में कुल छह आइलैंड प्लेटफॉर्म आधारित स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें पटना जंक्शन, विद्युत भवन, विकास भवन, पटना जू, राजाबाजार और रुकनपुरा स्टेशन शामिल हैं। ये सभी इलाके राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक, प्रशासनिक और आवासीय केंद्र हैं, इसलिए मेट्रो के चालू होने से लाखों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो जाएगी।
मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक सभी स्टेशन पूरी तरह वातानुकूलित होंगे और यहां आधुनिक टिकटिंग सिस्टम, लिफ्ट–एस्केलेटर, अग्नि सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रेलवे और मेट्रो के बीच सीधी कनेक्टिविटी
पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को खास तौर पर इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि रेलवे और मेट्रो के यात्रियों को निर्बाध इंटरचेंज सुविधा मिल सके। ट्रेन से उतरने वाले यात्री सीधे मेट्रो प्लेटफॉर्म तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा।
स्टेशन के लिए दो मुख्य प्रवेश–निकास द्वार बनाए जाएंगे—
पहला द्वार पुराने दूध मार्केट के समीप
दूसरा द्वार बुद्ध स्मृति पार्क के सामने
दूध मार्केट वाले गेट को जंक्शन गोलंबर से जोड़ने के लिए 17 मीटर लंबे सब–वे का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए इलाके में बैरिकेडिंग कर खुदाई शुरू कर दी गई है।
तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट
यह परियोजना इंजीनियरिंग के लिहाज से बेहद जटिल मानी जा रही है, क्योंकि मेट्रो लाइन को पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के ठीक नीचे से गुजारा जाएगा। दोनों कॉरिडोर की लाइनें जंक्शन के पास मिलेंगी और फिर मीठापुर की ओर बढ़ेंगी। इस काम के लिए रेलवे प्रशासन से आवश्यक एनओसी ली जाएगी।
गहरी खुदाई के लिए आधुनिक टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार जून महीने में नई टीबीएम मशीन लॉन्च करने की तैयारी है, जिससे सुरंग निर्माण कार्य में और तेजी आएगी।
करबिगहिया की ओर एलिवेटेड होगा ट्रैक
पटना जंक्शन के बाद करबिगहिया इलाके की तरफ मेट्रो लाइन
अंडरग्राउंड से निकलकर एलिवेटेड (ऊपर उठे हुए) सेक्शन में बदल जाएगी। इस हिस्से के निर्माण की जिम्मेदारी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई है। पूरे अंडरग्राउंड हिस्से को 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रबंधन में आया बदलाव, काम में आएगी तेजी
पटना मेट्रो के पहले चरण का कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की देखरेख में हुआ था, लेकिन अब दूसरे चरण का निर्माण सीधे पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (PMRCL) की निगरानी में किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर निर्णय तेज़ी से लिए जा सकेंगे और परियोजना की गति बढ़ने की उम्मीद है।
राजधानी के लिए ऐतिहासिक कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि पटना जंक्शन के नीचे से मेट्रो का गुजरना न सिर्फ बड़ी तकनीकी उपलब्धि होगी, बल्कि राजधानी के शहरी विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मेट्रो के चालू होने से—
सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा
प्रदूषण में कमी आएगी
सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा
पटना आधुनिक मेट्रो शहरों की कतार में खड़ा होगा
शहरवासियों को उम्मीद है कि निर्धारित समय में यह परियोजना पूरी होगी और पटना को विश्वस्तरीय यातायात व्यवस्था मिल सकेगी।